Best Rehab In Gorakhpur

Ehsaas De-Addiction Cum Rehabilitation Center

+917272818208; +917272818209

Gorakhpur

Lucknow

Prayagraj

Varanasi

हम अपने सेवार्थियों को समझते हैं क्यों कि हमारे अंदर समानुभूति है। हम व्यवसायिक समाज कार्यकर्ता हैं। हम जानते हैं कि किसी समस्याग्रस्त व्यक्ति के साथ क्या होता है क्योंकि हमने व्यवसायिक समाज कार्य की शिक्षा ली है। हम जानते हैं कि हमारे सेवार्थी स्वयं नशा छोड़ना चाहते हैं। नशा उनका दुःख है। हम केवल उनकी सहायता कर रहे हैं। हम केवल निमित्त मात्र हैं। असली शक्ति तो केवल उनके अंदर है। हम प्रशिक्षित लोगों की टीम हैं जिसमें व्यवसायिक समाज कार्यकर्ता, मनोवैज्ञानिक, परामर्शदाता, मनोचिकित्सक हैं।

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“We understand our clients because we have empathy within us. We are professional social workers. We know what happens to a person in distress because we have been educated in professional social work. We know that our clients want to quit addiction themselves. Addiction is their sorrow. We are only assisting them. We are merely facilitators. The real power lies within them. We are a team of trained professionals which includes professional social workers, psychologists, counselors, and psychiatrists.”

नई सोच नई आशा यह है एहसास का वादा

Dr. Sachidanand Yadav

(Director)

समाज का कोई भी वर्ग नशे से अछूता नहीं है। क्या बच्चे, क्या नवयुवक, प्रौढ़ और बुजुर्ग यहाँ तक महिलाये भी! जिस भी वर्ग के व्यक्ति इस रोग से ग्रस्त होते हैं , वह वर्ग परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए बेकार हो जाता है। नशे की पहुँच आज राष्ट्र क्या दुनिया के कोने कोने तक हो गई है। समाज में आज कई अपराध घट रहे हैं। समाज के इन 75 प्रतिशत अपराधों के पीछे कहीं न कहीं नशीली वस्तु या नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति या संगठन का हाथ होता है। आतंकवाद से ले कर गली की साइकिल चोरी या फिर किसी महिला के गले से सोने की चेन छीने जाने के पीछे हो सकता है कहीं न कहीं नशे या नशीली वस्तु का हाथ होता है। नशे का सेवन करने वाले घर के राशन, बच्चों की पढ़ाई, मकान किराया  इत्यादि के खर्चे भी रोक कर भी नशा के पीछे खर्च कर देते हैं। यदि नशे के लिए इसके बावजूद भी पैसे कम पड़े तो चोरी करना, घर वालों से जबरदस्ती करना, उधार मांग लेना, घर की किसी वस्तु को बेच देना, किसी से कुछ छीन लेना और उसे बेच कर नशा करना जैसा समाज को नरक बनाने वाले काम करते हैं। शराब का सेवन करने वाले अपने लिवर और किडनी को खराब कर लेते हैं । नशे की हालत में घर में और पास पड़ोस से झगड़ा लड़ाई कर आस पास का माहौल खराब करते हैं। स्मैक, हेरोइन इत्यादि जैसे नशे करने वाले प्रायः अपने नशे की आपूर्ति के लिए किसी आपराधिक काम में संलिप्त हो जाते हैं। गाँजा, भांग, चरस जैसे नशों का सेवन करने वाले प्रायः किसी मानसिक रोग के शिकार हो जाते हैं। सुलेशन, तथा सूंघने वाले नशे प्रायः बच्चे करते हैं और अपना बचपन तो बचपन, पूरा जीवन बर्बाद कर लेते हैं। ऐम्फेटमीन, कोकीन जैसे नशे करने वाले उच्चवर्गीय लोग बिना नशे के अपने को किसी भी काम के लिए अनुपयोगी कर लेते हैं। LSD, एक्सटासी जैसे रेव पार्टी वाले नशे युवाओं के जीवन को हमेशा हमेशा के लिए बर्बाद कर देते हैं। हर नशे का अंत अकाल मृत्यु होती है। अपराध और आतंकवाद तथा नशे के व्यापार को रोकने का काम सरकार का है। लेकिन समाज को नशामुक्त करने के लिए कई संगठन काम कर रहे हैं। 

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एहसास नशा मुक्ति केंद्र स्वेच्छा से नशा छोड़ने वाले व्ययक्तियों को व्ययवसायिक मदद कर उन्हे नशा मुक्त जीवन जीने और समाज में उनको फिर से पुनर्स्थापित कर एक समजोपयोगी जीवन जीने के लिए उनका पुनर्वास कर नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति के परिवार, समाज, और राष्ट्र के भले के लिए काम कर रही है। इसमें एहसास नशा मुक्ति केंद्र को नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति, उनके परिवार, समाज, और सरकार द्वारा मान्यता प्रादन कर हर कोई मदद कर रहा है। यदि समाज और राष्ट्र नशा मुक्त रहेगा तो न नशे से संबंधित अपराध होंगे, न किसी की अकाल मृत्यु, हर परिवार सुखी होगा, समाज का हर नागरिक राष्ट्र के भले के लिए काम करेगा। एहसास का एक मात्र उद्देश्य समाज को समाज के द्वारा नशा मुक्त करना है। इसलिए समाज को जागरूक करने के एहसास नशा मुक्ति केंद्र की ओर से कई जागरूकता के कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, इसके पीछे एक ही उद्देश्य है की उपचार से अच्छा बचाव होता है। क्योंकि अधिकतर लोग जानकारी के अभाव में ही नशे की चपेट में पड़ जाते हैं।

No section of society is immune to the dangers of addiction. Children, youth, adults, and the elderly, even women, are all susceptible. Any group of people that is affected by this disease becomes useless to the family, society, and the nation. The reach of drugs has now spread to every corner of the world, not just the nation. Many crimes are being committed in society today. Behind 75% of these crimes, somewhere there is the hand of a person or organization addicted to drugs or intoxicants. From terrorism to petty theft of a bicycle on the street or snatching a gold chain from a woman's neck, somewhere there may be the hand of drugs or intoxicants behind it. People who consume drugs stop spending on household rations, children's education, house rent, etc., and spend it on drugs. If they still don't have enough money for drugs, they do things that make society hell, like stealing, coercing family members, taking loans, selling something from the house, snatching something from someone and selling it to get drugs. People who consume alcohol damage their liver and kidneys. They fight and quarrel in the house and in the neighborhood while intoxicated, spoiling the atmosphere around them. People who use drugs like smack and heroin often get involved in criminal activities to supply their addiction. People who use drugs like cannabis, hashish, and charas often fall prey to some mental illness. Inhalants and sniffing drugs are mostly done by children and they ruin their childhood and even their entire life. Upper-class people who use drugs like amphetamines and cocaine make themselves useless for any work without drugs. Drugs used in rave parties like LSD and ecstasy ruin the lives of young people forever. Every addiction ends in premature death. It is the government's job to stop crime, terrorism, and the drug trade. But there are many organizations working to make society drug-free.

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Ehsaas Nasha Mukti Kendra is working for the welfare of the person suffering from addiction, his family, society and the nation by providing professional help to the people who voluntarily quit drugs, rehabilitating them to live a drug-free life and reintegrating them into the society to live a useful life. In this, everyone is helping Ehsaas Nasha Mukti Kendra by providing recognition to the person suffering from addiction, his family, society and the government. If the society and the nation remain drug-free, then there will be no crimes related to drugs, no premature deaths, every family will be happy, every citizen of the society will work for the good of the nation. The only objective of Ehsaas is to make the society drug-free by the society itself. Therefore, many awareness programs are also being run by Ehsaas Nasha Mukti Kendra to make the society aware, the only purpose behind this is that prevention is better than cure. Because most of the people fall prey to addiction due to lack of information.

नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति

हरेक नशा करने वाला व्यक्ति भी सामान्य व्यक्ति की तरह सामान्य होता है। उसकी सिर्फ एक समस्या नशा उसे दूसरों से अलग और परिवार और समाज के लिए बुरा बनाती हैं। यदि उसके इस बुराई पर काम किया जाए तो उसे फिर समाज में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। वह भी समाज और राष्ट्र का एक जिम्मेदार नागरिक बन सकता है। हम मानते हैं कि नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति घृणा का और अलगाव का पात्र नहीं है। उसे भी सामान्य व्यक्ति कि तरह प्रेम और समानुभूति की जरूरत होती है। अतः अभिभावकों से आशा की जाती है कि वो अपने मारीज़ को भर्ती कराकर भूल ना जाएँ । इलाज़ कि प्रक्रिया में अभिभावकों की  महत्वपूर्ण भूमिका है। नशा मुक्ति केंद्र के परामर्शदाताओं, समाज कार्यकर्ताओं, मनोचिकित्सकों को इलाज़ के लिए सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करें। नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों के द्वारा बताए गए समय पर मारीज़ से मिलने आयें, अपने मरीजों को सभी आवश्यक वस्तु समय पर उपलब्ध कराएं जैसे संस्था की फीस, औषधियाँ, डाक्टर की फीस और रोज के जरूरत के सामान।  

समस्या से ग्रस्त व्यक्ति की उपचार योजना

हर एक समस्याग्रस्त व्यक्ति समस्या के समान होते हुए भी अलग अलग होता है। अतः हरएक नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति की उपचार योजना भी अलग अलग बनानी पड़ती है। चाहे दोनों की समस्या शराब हो या गाँजा या स्मैक। हम समाज कार्य, मनोविज्ञान, तथा मनोचिकित्सा की सम्मिलित पद्धतियों के अनुसार हरएक नशे की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति की उपचार योजना अलग अलग बना कर उनपर अलग से काम करते हैं। उनके व्यक्तित्व के अनुसार किसी समस्याग्रस्त व्यक्ति की उपचार योजना में ज्यादा समय लगता है किसी में कम। अभिभावकों से आशा की जाती है कि वे उपचार योजना में सहयोग करेंगे।  

इलाज़ और उपचार में अंतर

नशा व्यक्ति की सोचने समझने के तरीके अर्थात, उनके तंत्रिका तंत्र में स्थायी बदलाव कर देता है। अतः व्यक्ति को सिर्फ नशा मुक्त करना संभव है न कि उसकी नशे की समस्या को स्थायी रूप से ठीक करना। पुनः नशे की समस्या में पड़ना नशे की समस्या से बाहर आने का ही एक चरण होता है। डिस्चार्ज के समय एहसास नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों के द्वारा कई सुझाव और परहेज बताए जाते हैं। ये सुझाव और परहेज वैसी ही बीमारियों की तरह होती हैं जो कभी ठीक नहीं होती हैं। जैसे मधुमेह, ब्लड प्रेसर, हृदय रोग इत्यादि। वर्तमान अनुसंधानों द्वारा यह प्रमाणित हो चुका है कि नशा एक मानसिक बीमारी है। यह एहसास नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों का अच्छे से अच्छा प्रयास होता है कि उनका उपचारोपरांत मारीज़ लंबे से लंबे समय तक नशा मुक्त रहे। अतः यह आशा की जाती है कि अभिभावक नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों के द्वारा बताए गए परहेजो और सुझावों का पालन करें।  

Individuals grappling with substance abuse issues

Every person who abuses substances is also normal like any other person. It’s just their problem of addiction that sets them apart and makes them seem bad to their family and society. If we work on this issue, they can be reintegrated into society. They too can become a responsible citizen of society and the nation. We believe that a person suffering from addiction does not deserve hatred or isolation. They need love and empathy just like any other person. Therefore, it is hoped that guardians will not forget their patient after admitting them. Guardians play an important role in the treatment process. Provide all necessary information to the counselors at the de-addiction center, social workers, and psychiatrists for the treatment. Visit the patient at the times specified by the staff of the de-addiction center, and provide all necessary items to your patients on time, such as institutional fees, medicines, doctor's fees, and daily necessities. 

Treatment plan for a person afflicted with a problem

Every person afflicted with a problem is different, even though they may have the same issue. Therefore, the treatment plan for each person suffering from substance abuse must also be different. Whether the problem is alcohol, marijuana, or heroin, we create separate treatment plans for each individual according to the combined methods of social work, psychology, and psychiatry. Depending on their personality, the treatment plan for a troubled individual may take more or less time. It is hoped that guardians will cooperate in the treatment plan.

Difference between treatment and cure 

Addiction causes permanent changes in a person’s way of thinking and understanding, that is, in their nervous system. Therefore, it is possible to detoxify a person but not to permanently fix their problem of addiction. Relapsing into addiction is just one phase of recovering from the problem. At the time of discharge, the staff at the de-addiction center provides various suggestions and precautions. These suggestions and precautions are like those for diseases that never fully heal, such as diabetes, blood pressure, heart disease, etc. Current research has proven that addiction is a mental illness. It is the earnest effort of the staff at the de-addiction center that their patients remain free from addiction for as long as possible after treatment. Therefore, it is hoped that guardians will follow the precautions and suggestions given by the staff of the de-addiction center.

इनडोर नशा मुक्ति उपचार में क्या होता है?

आपकी समस्या को समझना:


आपको जरूरत का समर्थन प्राप्त करना:


नशा मुक्त जीवन जीना सीखना:


अतिरिक्त समर्थन:


चुनौतियों का प्रबंधन:


What happens in indoor addiction treatment?

Understanding Your Problem:


Getting the Support You Need:


Learning to Live Addiction-Free:


Extra Support:


Managing Challenges:

Ehsaas Rehab's Head Office Team